
रात का वक्त, Chauhan's Nilay,
दर्पण आराम से अंश के साथ बेड पर सो रही थी। तभी उसे ऐसा लगा की कोई उसे देख रहा है। उसने धीरे से आंखे खोलकर देखा और उसकी चीख निकल गई।

रात का वक्त, Chauhan's Nilay,
दर्पण आराम से अंश के साथ बेड पर सो रही थी। तभी उसे ऐसा लगा की कोई उसे देख रहा है। उसने धीरे से आंखे खोलकर देखा और उसकी चीख निकल गई।
Write a comment ...
Write a comment ...